Musafir Cafe -hindi-

Musafir Cafe में बैठने वालों की पहचान अक्सर अस्थायी होती है, पर बातचीत की अमिट छाप रहती है। हर मेज़ पर एक अलग दुनिया: अकेला लेखक, जो बाक़ी दुनिया से दूरी लेकर सोचता है; युवा जोड़े, जो अगले पड़ाव की योजना बनाते हैं; बुजुर्ग, जो पुराने रस्तों और शहरों के किस्से साझा करते हैं। ये लोग एक दूसरे के लिए गंतव्य नहीं हैं, बल्कि एक लहर के हिस्से की तरह होते हैं—थोड़ी देर साथ आते हैं, फिर अपने-अपने सफर में बिखर जाते हैं—पर यादें छोड़ जाते हैं।

तो अगली बार जब मॉल में बैठकर बोर हो जाएं, तो अपना बैग उठाइए, निकल पड़िए नज़दीक के किसी Musafir Cafe में। वहाँ आपकी कहानी लिखने का इंतज़ार है। Musafir Cafe -Hindi-